Dhampur BLO Death: उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण (SIR) का कार्य अब सरकारी कर्मचारियों, विशेषकर बीएलओ (BLO) के लिए काल बनता जा रहा है। प्रदेश भर से लगातार आ रही बीएलओ की मौत की खबरों के बीच अब बिजनौर का नाम भी इस दुखद सूची में जुड़ गया है।
विभाग के ‘टार्गेट’ और अधिकारियों के दबाव के चलते एक और आंगनबाड़ी कार्यकत्री और बीएलओ ने दम तोड़ दिया है। यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि उस जानलेवा सिस्टम पर सवालिया निशान है, जहाँ कर्मचारी अपनी जान की बाजी लगाकर डाटा फीडिंग में जुटे हैं।

हार्ट अटैक से थमी सांसें ताजा मामला बिजनौर के धामपुर नगर का है। यहाँ बाड़वान मोहल्ले की निवासी 56 वर्षीय शोभा रानी, जो आंगनबाड़ी वर्कर के साथ-साथ बीएलओ (BLO) की जिम्मेदारी भी संभाल रही थीं, का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। परिजनों और सहयोगियों के मुताबिक, शोभा रानी पर SIR सर्वे (SIR Survey) और फॉर्म जमा करने का भारी दबाव था।
Dhampur BLO Death: काम करते-करते बिगड़ी तबीयत बताया जा रहा है कि शोभा रानी घर पर ही SIR फॉर्म के कार्यों में व्यस्त थीं। काम के दौरान ही उन्हें बेचैनी महसूस हुई और अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
परिजन उन्हें गंभीर हालत में मुरादाबाद ले गए, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी मौत से न केवल उनका परिवार टूट गया है, बल्कि जिले भर के बीएलओ और आंगनबाड़ी वर्कर दहशत और गुस्से में हैं।
प्रदेश भर में बीएलओ पर भारी दबाव गौरतलब है कि यह प्रदेश में पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ हफ्तों में मुरादाबाद, गोंडा और फतेहपुर जैसे जिलों से भी बीएलओ की मौत की खबरें सामने आ चुकी हैं।
कहीं हार्ट अटैक तो कहीं काम के दबाव में आत्महत्या जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। SIR फॉर्म की फीडिंग, ऑनलाइन ऐप की तकनीकी दिक्कतें और ऊपर से अधिकारियों की फटकार ने बीएलओ का मानसिक तनाव चरम पर पहुँचा दिया है।
शोभा रानी की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या चुनावी आंकड़ों की शुद्धता कर्मचारियों की जिंदगी से ज्यादा कीमती है, जो चुनाव आयोग इस पर अभी तक कोई टिपण्णी या कार्यवाही नहीं कर रहा है।
Helpful Note
आप सभी को सूचित किया जाता है की हाल के समाचारों के अनुसार SIR की अंतिम तारीख बढ़ा दी गयी है। अधिक जानकारी के लिए चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें या अपने BLO से संपर्क करे।
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